Wednesday, June 24, 2009

खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए अलग नीति की मांग


उद्योग जगत ने सरकार से खाद्य तेल के लिए अलग नीति बनाने की मांग की है। उद्योग ने घरलू स्तर पर तिलहनों का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी अलग से तिलहन विकास फंड बनाने का सुझाव दिया है।
सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन फार ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड के कार्यकारी निदेशक डी. एन. पाठक ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन से अलग हटकर खाद्य तेल क्षेत्र के लिए अलग से नीति बनाने की जरूरत है। जिससे इस सेक्टर का विकास हो सके। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत केंद्र सरकार ने साल 2011-12 तक देश में चावल उत्पादन में एक करोड़ टन, गेहूं उत्पादन में 80 लाख टन और दलहन उत्पादन में करीब 20 लाख टन बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा है। इस बीच वैश्विक बाजार में गिर भाव और सरकार द्वारा आयात शुल्क हटाने से इस साल करीब 80 लाख टन खाद्य तेलों के आयात की संभावना जताई जा रही है। वहीं इस साल खाद्य तेलों का घरलू उत्पादन भी करीब 80 लाख टन होने की संभावना है।

ऐसे में पिछले दिनों से खाद्य तेलों और तिलहनों की कीमतों में गिरावट आई है। पाठक के मुताबिक कीमतें घटने से तिलहनों के रकबे में कमी आ सकती है। उन्होंने बताया कि सरकार का पूरा ध्यान तिलहन उत्पादन बढ़ाने में होना चाहिए जो मौजूदा हालात में काफी कठिन है। गौरतलब है कि पिछले दो सालों के दौरान देश में तिलहन का औसत पैदावार प्रति हैक्टेयर करीब एक टन रही है जबकि दूसर देशों में औसत तिलहन पैदावार प्रति हैक्टेयर करीब दो टन है।

उद्योग जगत का मानना है कि ऐसे में सरकार को खाद्य तेलों के आयात पर डयूटी लगानी चाहिए। जिससे किसानों को उनके पैदावार का बेहतर कीमत मिल सके। पिछले साल घरलू बाजार में बढ़ती कीमतों में पर नकेल के लिए केंद्र सरकार की ओर से खाद्य तेलों के आयात शुल्क को हटा लिया गया था। ऐसे में कोएट बजट से पहले खाद्य तेल उद्योग की ओर से मसौदा सरकार को सौंपा है।

जुलाई में भी इंडोनेशिया से पाम तेल निर्यात पर 3फीसदी कर
जकार्ता। इंडोनेशिया सरकार जुलाई के दौरान क्रूड पाम तेल निर्यात पर तीन फीसदी टैक्स लागू रखेगी। कारोबारियों के मुताबिक क्रूड पाम तेल की कीमतों में स्थिरता आने से टैक्स में भी कोई बदलाव होने की गुंजाइश कम है।
पिछले एक महीने से रोटरडम में क्रू ड पाम तेल का औसत भाव करीब 757.43 डॉलर प्रति टन के स्तर पर बना हुआ था। ऐसे में सरकार निर्यात पर तीन फीसदी टैक्स लागू करेगी। विदेश व्यापार मंत्रालय के महानिदेशक दियाह मौलीदा के मुताबिक जुलाई में क्रूड पाम तेल का बेस एक्सपोर्ट प्राइस 683 डॉलर प्रति टन रह सकता है जो जून के 700 डॉलर प्रति टन के मुकाबले कम है। (डो जोंस)

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