जकार्ता, 7 दिसम्बर। वर्ष 2009-10 में वनस्पति तेलों की वैश्विक आवक इनकी मांग से अधिक रहने की संभावनाएं एशियाई पामतेल व्यापार के लिए भारी चिंता का विषय बनी हुई हैं। विश्लेषकों को पामतेल के मूल्यों में वर्तमान वृद्घि अब शीघ्र ही समाप्त होती दिखाई देने लगी है। ज्ञातव्य है कि पिछले दिनों एशियाई देशों में पामतेल की बढती मांग और प्रमुख उत्पादक क्षेत्रें में शुष्क मौसम के प्रभाव से सोयाबीन की सिकुडती आवक दोनों पामतेल के मूल्यों को खूब उछालती रही हैं। आंकडों के अनुसार इस वर्ष के दौरान अब तक पामतेल लगभग 46 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज करा चुका है जबकि गत वर्ष वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान पामतेल के मूल्य गत दो तीन दशक के न्यूनतम मूल्य छू आए थे। उधर दूसरी ओर विश्लेषकों के एक अन्य समूह की चिंता का विषय यह है कि अमेरिका और दक्षिण अमेरिकी देशों में सोयाबीन के संभावित रिकार्ड उत्पादन के कारण पामतेल के मूल्यों में कटौती अब अनिवार्य हो चलेगी क्योंकि पामतेल के लिए अब नए व्यापार क्षेत्रें में घुसपैठ आसान न होगी। इस सप्ताह इंडोनेशिया में आयोजित पामतेल पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और इसके मूल्यों पर चर्चा के दौरान यही चिंता छाए रहने का अनुमान विशेषज्ञ लगा रहे हैं। इधर मौसम के एल नीनो प्रभाव के कमजोर पडने से भी पामतेल उत्पादन में कमी की आशंकाए भी अब समाप्त हो गई हैं। ऐसे में विश्व के सबसे बडे पामतेल उत्पादक इंडोनेशिया ने अपने पामतेल उत्पादन के पूर्वानुमानों में वृद्घि करते हुए अब इसे 205 लाखटन की बजाए 220-230 लाखटन जताया है। दूसरी बडे उत्पादक मलेशिया ने भी अपने पूर्वानुमानों में वृद्घि करते हुए अपने उत्पादन को 170 लाखटन की बजाय 177 लाखटन जताया हैं उधर मलेशिया में मौसम के लिए पूर्वानुमानों में दिसम्बर के अंत में वर्षा जताई गई है जिससे निर्यात क्षेत्रें तथा रिफाइनरीज की ओर परिवहन कठिन हो जाने की आशंका है। परन्तु विश्लेषक इसके परिणामों को नए वर्ष में प्रभावशाली होता देख रहे हैं। इन सब के मद्देनजर विशेषज्ञ वर्ष 2010 के दौरान पामतेल के मूल्यों में कोई उल्लेखनीय वृद्घि की संभावना नही देख पा रहे। उनके अनुसार पामतेल के प्रमुख आयातक भारत और चीन भी पामतेल तब तक ही खरीदेंगे जब तक कि सोयातेल और पामतेल के मूल्यों में अंतर कम से कम 120 डालर प्रति टन रहेगा। वर्तमान में यह अंतर लगभग 150 डालर प्रतिटन है। उधर बायोडीजल क्षेत्र् में भी पामतेल की उपयोगिता तभी तक रहेगी जब तक क्रूड आयल पर्याप्त ऊंचे मूल्यों पर रहे। इस दृष्टि से यदि देखें तो विश्लेषकों के अनुसार क्रूड के औसत मूल्य भी अगले वर्ष 75 डालर प्रति बैरल रहने की संभावना है। क्रूड के लिए यह अनुमान सिंगापुर बैंक ने जताए हैं जो कि पामतेल को आगामी वर्ष 2300 से 2600 रिंगिट प्रतिटन के बीच बिकने का अनुमान लगा रहा है। पामतेल उत्पादन (कृषि) से जुडे विशेषज्ञों का मानना है कि उनके लिए भी पाम कृषि में निवेश तभी तक संभव रहेगा जब कि पामतेल के मूल्य लाभकारी रहेंगे। वैसे वर्तमान में पामतेल का लागत मूल्य 1200 रिंगिट प्रतिटन तथा विक्रय मूल्य लगभग 2400 रिंगिट प्रतिटन है।
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