Tuesday, December 15, 2009

सरसों मजबूत बनी रहने की उम्मीद

नई दिल्ली, 12 दिसंबर (एनएनएस) । आने वाले दिनों में भी सरसों मजबूत ही बनी रहने की उम्मीद है क्योंकि इसकी बुआई में कमी आयी है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकडों में बताया गया है कि चालू सीजन के दौरान अभी तक सरसों की बिजाई में लगभग तीन प्रतिशत की कमी आयी है।

मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकडों के अनुसार बीते 10 दिसंबर तक देश में कुल 77.77 लाख हैक्टेयर में विभिन्न रबी तिलहनों की बुआई हुई है। पिछले सीजन की आलोच्य अवधि में तिलहनों की हुई 83.80 लाख हैक्टेयर बुआई की तुलना में वर्तमान बिजाई 6.03 लाख हैक्टेयर या 8.87 प्रतिशत कम है।

तिलहनों की बुआई में यह कमी प्रमुख रबी तिलहन, सरसों की बुआई में आयी करीब 2.45 लाख हैक्टेयर की कमी से हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार चालू सीजन के आरंभ से लेकर अभी तक मौसम सामान्य की तुलना में तापमान ऊंचा रहने से सरसों की बुआई प्रभावित हुई है। मंत्रालय के नवीनतम अनुमानों के अनुसार गत् 10 दिसंबर तक सरसों की 60.85 लाख हैक्टेयर में बुआई हुई है जो कि एक वर्ष पूर्व की आलोच्य अवधि में हुई 63.29 लाख हैक्टेयर बुआई की तुलना में करीब तीन प्रतिशत कम है।

बुआई में कमी के समाचार आते ही घरेलू बाजारों में सरसों व इसके तेल की कीमतें बढनी शुरु हो गयी। हरियाणा की चरखी दादरी, जींद, हांसी, भिवानी और नारनोल जैसी मंडियों में सरसों तेल एक्सपेलर 5425/5550 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बोला गया। एक दिन पूर्व की तुलना में इसमें करीब 25/50 रुपए की तेजी आयी। सरसों भी 20/25 रुपए बढाकर बोली जा रही थी।

भिवानी स्थिति व्यापारी विनय कुमार नकीपुरिया ने बताया कि तापमान ऊंचा होने की वजह से न सिर्फ भिवानी मंडल में ही बल्कि हरियाणा के अन्य उत्पादक क्षेत्रों व राजस्थान के भी कुछ क्षेत्रों में सरसों की फसल पर कीडे का प्रकोप हो गया है। यही वजह है कि मनोवृत्ति तेजी की बनी हुई है।

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