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Thursday, January 7, 2010
जल्दी ही 50 रुपये किलो हो जाएगी चीनी!
चीनी सस्ती होने की उम्मीद मत कीजिए। खुदरा बाजार में चीनी का भाव 50 रुपये पहुंचने की ओर बढ़ रहा है। चीनी के दाम काबू से बाहर होते जा रहे हैं।बीते तीन हफ्तों में चीनी का दाम 10 रुपये प्रति किलो बढ़ गया है। एक हफ्ते पहले चीनी का थोक भाव 38 रुपये प्रति किलो था और आज यह 42 रुपये किलो हो गया है। चीनी मिलें कहती हैं कि मांग ज्यादा है और सप्लाई कम, इसलिए बड़ी मात्रा में चीनी आयात हो रही है।आयात की गई चीनी के दाम तो अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से ही तय होंगे। मिलों की मानें तो चीनी सोना और पेट्रोल हो गई है, जिनके भाव विदेशी बाजार तय करते हैं। देश में चीनी की सालाना खपत 230 लाख टन है। 160 लाख टन चीनी देश में तैयार होनी है।25 लाख टन चीनी पिछले साल की बची है, यानी केवल 45 लाख टन आयात होनी है, जिसमें से 30 लाख टन तो पुराने रेट पर आ भी गई है। ऐसे में सवाल यह है कि 20 फीसदी विदेशी चीनी कैसे 80 फीसदी देसी चीनी के दाम तय कर सकती है।कहने को चीनी कल भी सरकारी कंट्रोल में थी और आज भी सरकारी कंट्रोल में है। ये बात अलग है कि दामों पर कोई अंकुश लगता नजर नहीं आ रहा। लेकिन जब चीनी मिलें खुद ये बात कहने लगे कि चूंकि बड़ी मात्रा में चीनी आयात हो रही है, इसलिए बाहर के रेट पर ही यहां दाम तय होंगे तो समझना चाहिए चीनी मिलों को लगता है कि अब चीनी पर सरकारी कंट्रोल खत्म हुआ।
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